बहुजन समाज पार्टी ने कांग्रेस में शामिल हुए 6 विधायकों के खिलाफ कमर कस ली है। पार्टी ने अब विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष इन विधायकों की सदस्यता समाप्त करने की याचिका लगाने का निर्णय लिया है। याचिका गुरुवार को लगाई जाएगी। वहीं, राजस्थान हाईकोर्ट के 24 जुलाई के यथास्थिति बनाए रखने के फैसले को स्पीकर ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
इधर, बसपा ने बुधवार को हाईकोर्ट में भी इन विधायकों के कांग्रेस में विलय को चुनौती देते हुए याचिका लगाई, जिस पर बहस हुई। प्रदेशाध्यक्ष भगवान सिंह बाबा ने बताया कि उच्च न्यायालय में याचिका पेश कर दी गई है। बुधवार को इस पर बहस पूरी नहीं हो पाई। गुरुवार को इस पर आगे की कार्रवाई होगी। बाबा ने कहा कि पार्टी ने धोखा देने वाले इन छह विधायकों और कांग्रेस को सबक सिखाना तय कर लिया है।
स्पीकर के जन्मदिन के कारण अब गुरुवार को पेश होगी याचिका
गुरुवार को बसपा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी के समक्ष इन विधायकों की सदस्यता समाप्त किए जाने की याचिका पेश करेगी। याचिका बुधवार को ही पेश होनी थी। स्पीकर जोशी का बुधवार को जन्मदिन होने के कारण वे ऑफिस में नहीं बैठे। इसलिए गुरुवार को याचिका पेश करेंगे।
भगवान सिंह बाबा ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान भी हमने चुनाव आयोग और स्पीकर के समक्ष आवेदन किया था, जिसे चुनाव आयोग ने अधिकार क्षेत्र में नहीं होने और स्पीकर ने इन विधायकों का कांग्रेस में विलय हो जाने की बात कह आवेदन खारिज कर दिया था। हम इसी विलय के प्वाइंट को लेकर विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष याचिका लगा रहे हैं, क्योंकि विलय असंवैधानिक है।
संगठन स्तर पर भी चलाएंगे अभियान
बसपा प्रदेशाध्यक्ष भगवानसिंह बाबा ने कहा कि पार्टी और कार्यकर्ताओं के मिशन भाव को धोखा देने वाले इन छह विधायकों के खिलाफ संगठन स्तर पर भी जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विधायकों द्वारा यह कहना कि वह क्षेत्र के विकास के लिए कांग्रेस में शामिल हुए तो हमारा यह कहना है कि क्या उन्हें चुनाव लड़ते समय मालूम नहीं था कि उनकी क्या हैसियत रहेगी।
बसपा के ये 6 विधायक कांग्रेस में शामिल हुए थे
लखन सिंह (करौली), राजेन्द्र सिंह गुढ़ा (उदयपुरवाटी), दीपचंद खेड़िया (किशनगढ़ बास), जोगेन्दर सिंह अवाना (नदबई), संदीप कुमार (तिजारा) और वाजिब अली (नगर भरतपुर)। यह सभी कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
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