पूर्व लद्दाख से लगी एक्चुअल लाइन ऑफ कंट्रोल (एलएसी) पर चीन के साथ सात महीनों से चल रहे तनाव के कारण केंद्र सरकार ने किलाबंदी की कोशिशें तेज कर दी है। सरकार ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के लिए 47 नई सीमा चौकियों की मंजूरी दे दी है।
इसका ऐलान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने ग्रेटर नोएडा में शनिवार को आईटीबीपी के 59वें स्थापना दिवस समारोह में किया। उन्होंने कहा कि नई चौकियां बन जाने से सीमा पर चौकसी बढ़ जाएगी। मंत्री ने यह भी बताया कि बल को 28 प्रकार के नए वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसके लिए 7,223 करोड़ का बजट आवंटित है।
एलएसी पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग स्थित सुकना कॉर्प का दौरा किया। सुकना काेर के जिम्मे भूटान और चीन से लगी सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। दोनों लोग रविवार को दार्जिलिंग और सिक्किम में अग्रिम मोर्चे वाले क्षेत्रों में भी जाएंगे और वहां तैनात जवानों से चर्चा करेंगे। इसके साथ ही दशहरे के मौके पर शस्त्र पूजन भी करेंगे।
1962 को हुआ था आईटीबीपी का गठन
आईटीबीपी का गठन चीन के साथ हुए युद्ध के दौरान 24 अक्टूबर 1962 को हुआ था। आईटीबीपी का मुख्य चार्टर चीन सीमा से सटी 3488 किलोमीटर लंबी एलएसी की निगहबानी करना है। आईटीबीपी की सबसे ऊंची पोस्ट (चौकी) करीब 19 हजार फीट की उंचाई पर है जहां तापमान माइनस (-) 45 डिग्री तक पहुंच जाता है।
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