क्या हो रहा है वायरल: सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि तनिष्क के उस विज्ञापन के खिलाफ जामा मस्जिद से फतवा जारी हो गया है, जिसमें हिंदू लड़की को मुस्लिम घर की बहू बताया गया था।

और सच क्या है?

  • अलग-अलग की वर्ड के जरिए गूगल सर्च करने से भी हमें इंटरनेट पर ऐसी कोई खबर नहीं मिली। जिससे पुष्टि होती हो कि जामा मस्जिद से तनिष्क के विज्ञापन के विरोध में फतवा जारी किया गया है।
  • सोशल मीडिया पर जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी का कोई ऑफिशियल हैंडल नहीं है। जिससे पुष्टि हो सके कि उन्होंने ऐसा बयान दिया या नहीं। हालांकि, जामा मस्जिद, दिल्ली के ही नायाब शाही इमाम सैय्यद शबान बुखारी का फेसबुक पर वेरिफाइड अकाउंट हमें मिल गया।
  • सैय्यद शबान बुखारी के फेसबुक अकाउंट से पिछले सप्ताह जारी किया गया ऐसा कोई अपडेट नहीं मिला। यानी ऐसी कोई जानकारी नहीं, जिससे पुष्टि होती हो कि तनिष्क के विज्ञापन पर जामा मस्जिद से फतवा जारी हुआ है या होने वाला है। बल्किबान बुखारी ने 14 अक्टूबर को तनिष्क के विज्ञापन की तारीफ में एक पोस्ट लिखी है।

  • नायाब इमाम की फेसबुक पोस्ट का हिंदी अनुवाद है - मुझे यह विज्ञापन बेहद खूबसूरत लगता है। विभाजन कुछ अतिवादियों के दिमाग में है। हम मुस्लिम के रूप में "वास्तव में" अच्छे दोस्त हैं और हम सभी एक-दूसरे से प्यार करते हैं और जब आप सुरक्षा के बारे में बात करते हैं, तो हां हिंदू हमारे घरों में बेहद सुरक्षित हैं। प्रेम फैलाने के लिए तनिष्क का अच्छा कार्य।
  • साफ है कि जब जामा मस्जिद के नायाब इमाम ने ही विज्ञापन की तारीफ की है। तो विज्ञापन के खिलाफ फतवा जारी होने वाली बात बेबुनियाद है।


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Fact Check: fatwa issued from Jama Masjid against Tanishq's advertisement? Claim found fake.
Via Dainik Bhaskar https://ift.tt/1PKwoAf

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