
ग्राउंड रिपोर्टः उत्तर बिहार बाढ़ से बेहाल, पर चुनावी मुद्दा नहीं फुलदेव साहनी पिछले 40-50 साल से पशुओं के लिए चारा लाने और खेती के काम के लिए रोजाना तीन बार नाव से नदी पार करते हैं। यह उनकी मजबूरी है, क्योंकि खेतों में जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। November 01, 2020 at 05:28AM
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