सुप्रीम कोर्ट में याचिकाओं के सुनवाई के लिए जजों की बेंच का आज से नया रोस्टर लागू हो जाएगा। अलग-अलग तरह के मामलों के लिए कोर्ट ने अलग-अलग बेंच तय कर दी है। जनहित और पत्र याचिकाओं पर चीफ जस्टिस ( CJI) एसए बोबडे, जस्टिस रमाना, जस्टिस नरीमन, जस्टिस ललित, जस्टिस खानविलकर, जस्टिस चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस नागेश राव की अध्यक्षता वाली बेंच सुनवाई करेगी। चीफ जस्टिस कई अन्य तरह के मामलों की बेंच में भी शामिल होंगे।

कौन सी बेंच किस तरह के मामलों की सुनवाई करेगी?

  • चुनाव, सामाजिक न्याय और हैबियस कॉर्पस के मामले CJI की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने रखे जाएंगे।
  • कोर्ट की अवमानना के मामलों पर CJI और जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली बेंच सुनवाई करेगी।
  • धार्मिक और चैरिटेबल (धर्मार्थ) से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली बेंच को दिया गया है।
  • मध्यस्थता के मामलों को CJI, जस्टिस रमना, जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस इंदु मल्होत्रा ​​और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की बेंचों को दिया गया है।

रोस्टर सिस्टम पर चार जजों ने उठाए थे सवाल
2018 में सुप्रीम कोर्ट के चार सीनियर जजों ने चीफ जस्टिस पर वरिष्ठता को दरकिनार करके मामले आवंटित करने का आरोप लगाया था। चारों जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह आरोप लगाया था। इसी के बाद तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्र ने फरवरी 2018 में सब्जेक्ट वाइस रोस्टर सिस्टम की शुरुआत की थी।



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2018 में सुप्रीम कोर्ट के चार सीनियर जजों ने चीफ जस्टिस पर वरिष्ठता को दरकिनार करके मामले आवंटित करने का आरोप लगाया था। (फाइल फोटो)
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